बस्तर

कोंटा – बीजापुर के बाढ़ग्रस्त इलाकों में राहत पहुंचाने जुटे मंत्री कवासी लखमा और विधायक विक्रम मंडावी ,इधर बीजेपी के नेता पहुंचे राजधानी , फोटोग्राफी में मस्त

बस्तर । विगत एक पखवाड़े से लगातार हो रही बारिश से बस्तर जिले के नदी नाले उफान पर हैं जिससे बीजापुर और सुकमा जैसे जिलों में कई गांव टापू में तब्दील हो चुके हैं । कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट चुका है ।

शबरी और इंद्रावती नदी के उफान और खतरें के निशान से ऊपर होने की वजह से सुकमा और बीजापुर में जन जीवन अस्त व्यस्त हो चुका है ।ऐसे में प्रशासन को आम लोगों को सहायता पहुंचाने में भारी मशक्कत हो रही है ।

बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को तक दैनिक उपयोग की वस्तुओं को पहुंचाना प्रशासन के लिए एक चुनौती साबित हो रही है ऐसी स्थिति में आबकारी मंत्री कवासी लखमा और बीजापुर विधायक ने मोर्चा सम्हाला ।

जहां बीजापुर विधायक विक्रम शाह मंडावी भारी बाढ़ और बारिश के बावजूद भी लोगों के सहायता से लिए पहुंच जहां बड़ी गाड़ी से जाना संभव नहीं था वहां वो मोटरसाइकिल से और जहां मोटरसाइकिल से जाना संभव नहीं था वहां वो पैदल ही पहुंच गए और लोगों की समस्याओं से अवगत होकर उसका निराकरण किया ।

बीजापुर और कोंटा जिले के ज्यादातर गांव नक्सल दृष्टि से अतिसंवेदनशील माने जाते हैं जहां नेता आम दिनों में भी जाने से कतराते हैं और ऐसे दुर्गम इलाकों में विक्रम शाह मंडावी ,लोगों को सहायता के लिए बिना किसी संकोच के उतर गए ।

इसी तरह आबकारी मंत्री कवासी लखमा भी कोंटा और बीजापुर के बाढ़ग्रस्त इलाकों में पीड़ितों की सहायता के लिए राहत सामग्री लेकर पहुंचे ,उन्होंने बाढ़ग्रस्त इलाकों में पहुंचने के लिए पिकअप गाड़ी का भी इस्तेमाल किया और लोगों की समस्याओं से रूबरू हुए ।

हरीश कवासी भी मैदान में डटे

केवल कवासी लखमा ही नही हरीश कवासी भी लगातार बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा कर लोगों को बाढ़ग्रस्त इलाकों से निकाल रहे हैं और राहत सामग्री का वितरण कर रहे हैं ।

ऐसे कठिन समय में लोगों को राहत पहुंचाने पर लोग जहां हरीश कवासी का आभार व्यक्त कर रहे हैं वहीं जमीन स्तर पर मुख्य विपक्षी दल के लोगों और नेताओं की गैरमौजूदगी से जनता खासी नाराज नज़र आई ।

बीजापुर और सुकमा बीजेपी के बड़े नेता रायपुर प्रवास में मस्त

जहां कांग्रेस के विधायक और मंत्री तक जिले में ऐसे संकट के समय जमीनी स्तर पर उतर कर लोगों को राहत पहुंचाने का काम कर रहे हैं वहीं बीजेपी के पूर्व विधायक और टिकट के दावेदार नेता ऐसे विपरित समय में भी अपनी विधानसभा के लोगों की सहायता के लिए जिस समय जमीन पर काम करना चाहिए वो राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार के स्वागत में सम्मिलित होने राजधानी रायपुर चले गए हैं ।

आगामी डेढ़ वर्ष में प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो जाएंगी जिसके लिए बीजेपी के पूर्व विधायक और अन्य दावेदार नेता केंद्रीय संगठन की नजरों में आने के लिया अपने क्षेत्र को छोड़कर राजधानी रायपुर के चक्कर लगाने में व्यस्त हैं ।

बीजेपी नेताओं का समझना होगा कि टिकट भले ही पार्टी देगी पर चुनाव में जीत हार जनता ही करेगी ,और जनता जब मुसीबत में हो और नेता उनकी सहायता की बजाय संगठन के नजरों में चमकने के लिए लगातार रायपुर प्रवास पर हो तो जनता के लिए निर्णय बड़ा ही आसान हो जाता है ।

सत्ता कांग्रेस की है इसलिए मदद करना उनकी जिम्मेदारी है ,ये है मानसिकता

सत्ता से बाहर होने के बाद ज्यादातर बीजेपी नेताओं की मानसिकता इस तरह की हो गई कि मानो उन्हें केवल चुनाव के समय में अपने क्षेत्र में सक्रिय होना है बाकि विधानसभा क्षेत्र में होने वाली किसी भी घटना दुर्घटना पर केवल कांग्रेस के मंत्री, नेता ,विधायक ही कार्य करें ।

वर्तमान में बीजेपी के पास प्रदेश में केवल 14 विधानसभा सीटें हैं ,पर जिन सीटों पर बीजेपी की हार हुई उसके कारण पर बीजेपी संगठन ने शायद कोई समीक्षा नहीं की है ,सत्ता के दौरान भी बीजेपी के नेता अधिकांश समय राजधानी में ही व्यतीत करते थे और जनता की समस्याओं से सरोकार नहीं रखते थे ।क्षेत्र की जनता को अपनी समस्याओं से बीजेपी नेताओं को अवगत करवाने के लिए उनके राजधानी से वापस आने की प्रतिक्षा करनी पड़ती थी ।

कमोबेश अभी भी परिस्थिति और बीजेपी के पूर्व विधायक और नेताओं के व्यवहार में कोई खास बदलाव नहीं आया है वो आज भी जनता से उतनी ही दूरी बनाए हुए हैं जितनी सत्ता में रहते हुए बना रखी थी । राष्ट्रपति चुनाव में हारे हुए विधायकों का मत नहीं होता उसके बाद भी पूर्व विधायक जनता की सहायता की बजाय राजधानी में फोटोग्राफी करवा रहे हैं ये व्यवहार बेहद आपत्तिजनक है ।

यदि बीजेपी अपने नेताओं के व्यवहार और क्रियाकलापों को लेकर गंभीर और सख्त नहीं हुई तो आगामी विधानसभा चुनाव में भी 2018 जैसे शिकस्त का सामना करना पड़ सकता है ।

जगदलपुर के विधायक और महापौर भी तेज बारिश में राहत कार्यों में जुटे थे

इससे पहले तेज बारिश की बीच संसदीय सचिव रेखचंद जैन और महापौर सफीरा साहू नगर के वार्डों में राहत कार्य करते दिखे थे ,यही नहीं दोनों कांग्रेस नेताओं ने वार्डों में स्वयं दवाई का छिड़काव भी किया था और इस दौरान भी बीजेपी के नेता वार्डों में लोगों को सहायता की जगह केंद्रीय मंत्री विशेवश्वर टुडू के स्वागत सत्कार में व्यस्त रहे थे और जनता की आलोचना झेलनी पड़ी थी ।

लेखक :- कृष्णा झा (ब्यूरो हेड ,छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस ,संपादक :- तहलका टुडे )

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